Thursday, November 27, 2008

प्यारी हिन्दी

प्यारी हिन्दी
वतन की आन है 'शान है प्यारी हिन्दी
हमारी जान है पहचान है प्यारी हिन्दी।

मधुर पय पान किया इसने देव वाणी का
अटल वरदान लिया मातु वीणापाणी का।
सतत बहती है सलिल सहजभाव धारासी
हमारे हिन्द
का ईमान है प्यारी हिन्दी
वतन की ----------

सागर से हिमालय तक है सबकी प्यारी आशा
जन -गण- मन जोड़ती है हिन्दी हमारी भाषा।
बिगुल बनी बल्लभ की शंख- नाद शंकर का
संत कवियों का मधुरगान है प्यारी हिन्दी
वतन की ----------

गंग-जल- धार बही गंग के कवित्तों की
विमलसा प्यार रही बंग कवि चित्तों की
जायसी का राग बनी मोहा मन रहिमन का
प्यारे रसखान का अभिमान है प्यारी हिन्दी
वतन की ---------

आभा बनी नाभा की 'बनी कंठ सूरा की
रविदास की भक्ति 'रागिनी कबीरा की
नरहरि की चहेती अनुराग बनी तुलसी का
मुदितमन मीरा का सम्मान है प्यारी हिन्दी
वतन की ---------।

हुंकार बनी भूषण की तलवार कवि चंद की
केशव की
बनी छंद अलंकार घनानंद की
सेतु पद्माकर की रत्नाकर- घट बिहारी का
रीतिकवि काल का श्रृंगार है प्यारी हिन्दी
वतन की ---------।
सितारे हिंद का दुलार' पुकार हरीचंद की
दिनकर की दहाड़ मानव प्यार प्रेमचंद की
माखन की देश-भक्ति है रहस्य अज्ञेय का
राष्ट्रकवियों का प्राणगान है प्यारी हिन्दी
वतन की ---------।

इसको प्रसाद ने निज आंसुओं में ढाला है
प्रकृत बनी पन्त की बच्चन की हाला है
पीड़ा महादेवी की अवदान है निराला का
वाणी के सपूतों का मान है प्यारी हिन्दी
वतन की ---------।

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